उत्तराखंड

पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, प्रदेश में 19 मई से 21 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक

पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 उम्र में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार कल हरिद्वार में होगा। सरकार ने राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। Bhuvan Chandra Khanduri के निधन के बाद उत्तराखंड में शोक की लहर है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी की अंत्येष्टि 20 मई को पूरे राजकीय एवं पुलिस सम्मान के साथ संपन्न होगी।

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर राज्य सरकार ने बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के आकस्मिक निधन पर प्रदेश में 19 मई से 21 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक रहेगा।

राजकीय शोक के दौरान प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। साथ ही इस अवधि में किसी भी प्रकार के शासकीय मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।

राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य जगत से जुड़े लोगों ने मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन को राज्य और देश के लिए बड़ी क्षति बताया है। उनके निधन पर विभिन्न संगठनों और नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

भुवन चंद्र खंडूड़ी उत्तराखंड की राजनीति में एक साफ-सुथरी छवि और अनुशासित नेतृत्व के लिए जाने जाते थे। उन्होंने राज्य के विकास और सुशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण पहल की थीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूड़ी जी के निधन पर शोक प्रकट किया है। अपने शोक संदेश में राष्ट्रपति ने कहा है कि खंडूड़ी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जन सेवा के लिए ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। देश तथा उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने खंडूड़ी जी के शोकसंतप्त परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन एवं समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने प्रदेशहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी जी की सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। उनका निधन उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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