कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रक्षेत्रों में स्थापित होगी आधुनिक सीसीटीवी निगरानी प्रणाली
हरदोई, 03 अगस्त 2026। कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रक्षेत्रों में सुरक्षा, पारदर्शिता एवं कृषि कार्यों की प्रभावी निगरानी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आईसीएआर-अटारी जोन-III, कानपुर द्वारा प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र को ₹1.20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इस धनराशि से कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रक्षेत्रों में आधुनिक सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी।
इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र में लगभग 40 फीट ऊंचे जीआई पोल पर 10 मेगापिक्सल क्षमता के तीन उच्च गुणवत्ता वाले एचडी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्र के विभिन्न प्रक्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों की वास्तविक समय में ऑनलाइन निगरानी संभव होगी। साथ ही, अटारी स्तर से प्रक्षेत्रीय गतिविधियों का अवलोकन कर आवश्यकतानुसार तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा सकेगा।
आईसीएआर-अटारी जोन-III, कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि यह पहल कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रक्षेत्र प्रबंधन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से बुवाई, रोपाई, निराई-गुड़ाई, सिंचाई, कटाई एवं अन्य कृषि गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। इससे मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा कृषि कार्यों की समयबद्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
इस प्रणाली से महिला श्रमिकों, किसानों, प्रशिक्षणार्थियों एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा को भी मजबूत किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त प्रक्षेत्रों में आवारा एवं जंगली पशुओं की गतिविधियों तथा अनधिकृत प्रवेश की शीघ्र पहचान कर आवश्यक कार्रवाई संभव होगी। इससे प्रक्षेत्रीय संसाधनों की सुरक्षा के साथ-साथ कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
आईसीएआर-सीएसएसआरआई, कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई-II के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. पंकज नौटियाल ने अटारी जोन-III, कानपुर द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता के लिए निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह एवं अटारी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक निगरानी व्यवस्था कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रक्षेत्रों को सुरक्षित, स्मार्ट, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित कृषि प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
