राष्ट्रीय

कृषि विज्ञान केन्द्र, हरदोई–II में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक 2025–26 का आयोज

16 दिसंबर 2025 को आईसीएआर–केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, करनाल के अधीन कृषि विज्ञान केन्द्र, हरदोई–II में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक 2025–26 का आज हाइब्रिड मोड में आयोजन किया गया । बैठक की अध्यक्षता डॉ. आर. के. यादव, निदेशक, आईसीएआर–केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, करनाल ने की । बैठक में 21 सदस्यों द्वारा ऑनलाइन व 19 सदस्यों द्वारा ऑफलाइन प्रतिभाग किया गया ।
बैठक का शुभारंभ डॉ. आर. के. यादव, निदेशक, आईसीएआर–केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा स्वागत उद्बोधन से हुआ। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने जनपद हरदोई में समन्वय आधारित, स्थान-विशिष्ट एवं प्रभावोन्मुखी कृषि विस्तार गतिविधियों की आवश्यकता पर बल दिया ।
बैठक में डॉ. पंकज नौटियाल, अध्यक्ष/सदस्य सचिव, केवीके हरदोई–II द्वारा वर्ष 2025 (जनवरी–दिसंबर) की प्रगति रिपोर्ट तथा वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुति में केवीके द्वारा संचालित प्रशिक्षण, विस्तार, ऑन-फार्म ट्रायल, फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन) तथा जनपद-विशिष्ट समस्याओं, विशेषकर लवणीय भूमि, लघु एवं सीमांत कृषक प्रणाली तथा सहायक क्षेत्रों पर केंद्रित भावी रणनीतियों को रेखांकित किया गया।
बैठक के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों एवं विभागीय प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।  आदित्य शर्मा, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, हरदोई द्वारा एफपीओ आधारित तकनीक, स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण, केसीसी प्रसार, मत्स्य एवं बागवानी विकास पर जोर दिया गया। आईसीएआर–एनबीएफजीआर, लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ एल के त्यागी ने सजावटी मत्स्य पालन की संभावनाओं को रेखांकित किया। डॉ. राजेश मोदी, वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईसीएआर–आईएसआरआई, लखनऊ द्वारा कृषि यंत्रीकरण, विशेषकर लेजर लैंड लेवलर एवं राइस ट्रांसप्लांटर पर ऑन-फार्म ट्रायल की अनुशंसा की गई । सतीश कुमार पाण्डेय, उप निदेशक कृषि, हरदोई ने कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने समेकित कीट एवं पोषक तत्व प्रबंधन फसल अवशेष प्रबंधन, प्राकृतिक खेती क्लस्टर विकास, मशरूम एवं पुष्प उत्पादन, डेयरी में प्रजनन एवं दुग्ध उत्पादन सुधार से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ ए के तिवारी अध्यक्ष के वि के हरदोई-I, ने मक्का में खरपतेअर नियंत्रण हेतु सुझाव दिया । उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने पशु पालन पर तकनिकी जानकरी में सहयोग देने की बात कही । प्रभारी मृदा प्रयोगशाला  प्रभात पटेल ने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के प्रभावी उपयोग करने का सुझाव दिया । कृषि, पशुपालन, मत्स्य, अनुसंधान एवं अन्य विभागों ने आईपीएम, आईएनएम, प्राकृतिक खेती, फसल अवशेष प्रबंधन, डेयरी सुधार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के प्रभावी उपयोग पर सुझाव प्रस्तुत किए ।
अध्यक्षीय समापन संबोधन में डॉ. आर. के. यादव ने लवणीय एवं क्षारीय भूमि प्रबंधन, फ्लोरीकल्चर, एक्वाकल्चर एवं डेयरी जैसे सहायक क्षेत्रों को सुदृढ़ करने, तथा राज्य विभागों, नाबार्ड, एवं अन्य सह्योगियाँ के साथ समन्वय बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने केवीके हरदोई–II की टीम के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में प्रभाव आधारित कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इन्द्रजीत यादव, जिला पौध संरक्षण अधिकारी,  धनंजय कुमार, प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य, हरदोई, हिमांशु चौधरी, नामित सदस्य (कृषि शोध हरदोई )विनीत कुमार, उप मंडलीय कृषि प्रसार अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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