संस्कृति की विरासत और विकास की रफ्तार: ओडिशा की नई पहचान, उत्तराखंड के पत्रकारों ने ओडिशा में देखी विकास, संस्कृति और तकनीक की नई तस्वीर
-पवन नौटियाल वरिष्ठ पत्रकार
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), देहरादून द्वारा आयोजित 5 दिवसीय प्रेस टूर उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए केवल एक आधिकारिक दौरा नहीं, बल्कि देश के एक विकसित हो रहे राज्य को नजदीक से समझने का एक जीवंत अनुभव बन गया।
इस प्रेस टूर में उत्तराखंड के 13 पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल ओडिशा पहुंचा, जहां उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं, आधुनिक तकनीक, औद्योगिक विकास, कृषि अनुसंधान, ब्लू इकोनॉमी और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा और समझा।

विकास और संस्कृति का अद्भुत संतुलन
ओडिशा पहुंचने के बाद सबसे पहले पत्रकारों ने यह महसूस किया कि यह राज्य केवल खनिज और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण के लिए भी जाना जाता है।
प्रेस टूर की शुरुआत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के अवलोकन से हुई। प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर का दौरा किया, जो न केवल भारत की स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत की एक अमूल्य धरोहर भी है।
मंदिर की पत्थरों पर उकेरी गई भव्य शिल्पकला, रथ के पहियों की अद्भुत संरचना और वास्तुकला की बारीकियां पत्रकारों को भारतीय इतिहास और कला की महानता का अनुभव कराती नजर आईं।
रघुराजपुर: जहां हर घर में कलाकार रहता है
प्रेस टूर का सबसे भावनात्मक और सांस्कृतिक अनुभव रघुराजपुर हेरिटेज विलेज का दौरा रहा। यह गांव भारत के उन चुनिंदा गांवों में शामिल है जहां लगभग हर घर में एक कलाकार रहता है।
करीब 160 परिवारों वाले इस गांव में पीढ़ी दर पीढ़ी पत्ताचित्र कला, ताड़पत्र चित्रकला, लकड़ी और कपड़े पर हस्तशिल्प कार्य तथा लोकसंस्कृति को जीवित रखा गया है। पत्रकारों ने कलाकारों से बातचीत कर जाना कि यह गांव केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवित पाठशाला है।

आधुनिक भारत की तस्वीर: रिसर्च, टेक्नोलॉजी और ब्लू इकोनॉमी
सांस्कृतिक स्थलों के साथ-साथ प्रेस टूर का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को आधुनिक भारत के विकास मॉडल से जोड़ना भी था। इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने ICAR–सेंट्रल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, कटक और केंद्रीय मीठे पानी मत्स्य पालन संस्थान (CIFA), भुवनेश्वर का दौरा किया।
यहां पत्रकारों को बताया गया कि देश में धान उत्पादन बढ़ाने के लिए 190 से अधिक किस्में विकसित की जा चुकी हैं, जिनमें जलवायु परिवर्तन को सहन करने वाली किस्में भी शामिल हैं।
वहीं CIFA में पत्रकारों ने ब्लू इकोनॉमी से जुड़ी संभावनाओं को समझा। वैज्ञानिकों ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करने पर कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है और भारत वैश्विक स्तर पर मत्स्य उत्पादन में अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।

औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की नई कहानी
प्रेस टूर के दौरान पत्रकारों को ओडिशा में चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। इनमें रेल कॉरिडोर योजना, सेमीकंडक्टर निवेश योजना और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी सुभद्रा योजना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
विशेष रूप से रेल कॉरिडोर परियोजना को ओडिशा के औद्योगिक विकास के लिए गेम-चेंजर बताया गया। इससे खनिज क्षेत्रों को बंदरगाहों से जोड़ने में मदद मिलेगी और उद्योगों को नया विस्तार मिलेगा।

पारादीप पोर्ट: देश की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा
पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने पारादीप पोर्ट का भी दौरा किया, जहां उन्हें बंदरगाह की आधुनिक व्यवस्थाओं, लॉजिस्टिक्स सिस्टम और भारत की अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
बंदरगाह अधिकारियों ने बताया कि यह पोर्ट खनिज, कोयला और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात-आयात में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में इसकी क्षमता को और बढ़ाया जाएगा।
राज्यपाल से मुलाकात: संवाद और राष्ट्रीय एकता का संदेश
प्रेस टूर के दौरान उत्तराखंड के पत्रकारों ने ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक समानताओं, धार्मिक पर्यटन और विकास के मॉडल पर सार्थक चर्चा हुई।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड और ओडिशा दोनों ही आस्था, संस्कृति और पर्यटन के लिहाज से बेहद समृद्ध राज्य हैं और ऐसे संवाद राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाते हैं।
पत्रकारों के लिए सीख और अनुभव
यह 5 दिवसीय प्रेस टूर पत्रकारों के लिए केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा अनुभव बना जिसने उन्हें देश के विकास की वास्तविक तस्वीर को समझने का अवसर दिया।
जहां एक ओर उन्होंने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर को देखा, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक, रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से तेजी से बदलते भारत को भी महसूस किया।
प्रेस टूर के दौरान उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए सबसे भावनात्मक और आध्यात्मिक क्षण उस समय आया जब उन्होंने विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ धाम के भी दर्शन किए। पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि तथा उत्तराखंड की उन्नति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर पत्रकारों ने कहा कि ओडिशा की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को नजदीक से देखना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। जगन्नाथ धाम के दर्शन ने इस पूरे प्रेस टूर को आध्यात्मिक रूप से भी यादगार बना दिया और सभी ने इसे जीवन का एक महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण बताया।
निष्कर्ष
ओडिशा का यह दौरा उत्तराखंड के पत्रकारों के लिए एक नई दृष्टि लेकर आया। इस टूर ने यह स्पष्ट किया कि भारत का विकास केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे राज्यों और शहरों में भी तकनीक, उद्योग, कृषि और संस्कृति का संतुलित विकास तेजी से हो रहा है।
PIB देहरादून द्वारा आयोजित यह प्रेस टूर पत्रकारों के लिए एक ऐसा मंच साबित हुआ, जिसने उन्हें विकास, संस्कृति और तकनीक के संगम को समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया।
