Sunday, March 8, 2026
Latest:
उत्तराखंड

बदरीनाथ के कपाट 25 नवंबर, यमुनोत्री धाम के 23 अक्टूबर, गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए 22 अक्टूबर को बंद होंगे

भगवान बद्री विशाल बदरीनाथ के कपाट बंद होने की तिथि विधि विधान के साथ तय हो गई है पौराणिक एवं धार्मिक परंपराओं के निर्वाहन करते हुए मुख्य पुजारी रावल धर्माधिकारी और मंदिर समिति के अधिकारी एवं कर्मचारियों के बीच पंचांग गणना के साथ 25 नवंबर 2025 को भगवान बद्री विशाल के मंदिर शीतकाल के लिए बंद होने की घोषणा कर दी गई है, इस दौरान मुख्य पुजारी राहुल द्वारा यह घोषणा की गई बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि धार्मिक परंपराओं का निर्माण करते हुए मुख्य पुजारी एवं धर्म अधिकारी द्वारा पंचांग की गणना की गई जिसके तहत यह तिथि 25 नवंबर 2025 ताई हुई है वर्तमान समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल और केदारनाथ के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं बद्री केदार मंदिर समिति द्वारा देश से आने वाले हर श्रद्धालु ऑन को सुगमता से मंदिर दर्शन करवाने की उचित व्यवस्थाएं की गई है।

विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट छह माह शीतकाल के लिए 23 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में होंगे। वहीं गंगोत्री धाम के कपाट छह माह शीतकाल के लिए 22 अक्टूबर को अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मूहूर्त में पूर्वाहन 11 बजकर 36 मिनिट पर विधिविधान से बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव में होंगे।

यमुनोत्री के कपाट भैया दूज के पावन पर्व पर गुरुवार को विधि-विधान धन लग्न अमृत वेला पर 23 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। दशहरा पर्व पर आज पुरोहित समाज की मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में स्थित यमुना मंदिर में आहूत बैठक में यमुनोत्री धाम के कपाट बंद की तिथि मुहुर्त निकाला गया। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार को विधि-विधान के साथ विशाखा नक्षत्र आयुष्मान योग धनु लग्न अमृत वेला के अवसर पर दोपहर 12.30 बजे कपाट 6 माह शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे । यमुनोत्री मंदिर समिति के अनुसार अब 6 माह शीतकाल में यमुना के मायके खरसाली गांव में स्थित यमुना मंदिर मां यमुना के दर्शन और पूजा अर्चना की होंगे। इससे पहले सुबह मां यमुना के भाई सोमेश्वर महाराज शनिदेव की डोली यमुनोत्री धाम अपनी बहन को लेने रवाना होगी। इस मौके पर सुनील उनियाल, विजय प्रकाश, प्रदीप उनियाल उनियाल संजीव उनियाल, राघवानन्द उनियाल,कृतेश्वर उनियाल, महावीर प्रसाद मनमोहन उनियाल , सुरेश उनियाल,दिव्यांशु उनियाल नारायण उनियाल, आदि मौजूद थे।

वहीं विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट छह माह शीतकाल के लिए 22 अक्टूबर को अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मूहूर्त में पूर्वाहन 11 बजकर 36 मिनिट पर विधिविधान से बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव में होंगे। गंगोत्री धाम मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि नवरात्री के शुभअवसर पर गंगोत्री धाम के कपाट बंद करने की तिथि और मूहूर्त को पंचांग के अनुसार निकाला गया। उन्होंने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट 6 गते कार्तिक को अभिजीत मूहूर्त में 11 बजकर 36 मिनिट पर बंद कर दिए जाएंगे। उसके बाद गंगा जी की विग्रह डोली में भोगमूर्ति को आर्मी बैंड और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना होगी। 22 अक्टूबर की रात्री को गंगा जी की डोली मुखबा गांव से करीब दो किमी की दूरी पर स्थित मार्कडेंय मंदिर में रात्री विश्राम करेगी। उसके बाद अगले दिन 23 अक्टूबर को दोपहर में गंगा जी की विग्रह डोली मुखबा गांव पहुंचेगी। वहां पर गंगा मंदिर में उनकी भोगमूर्ति को विधिविधान से शीतकाल छह माह के लिए स्थापित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *