Home उत्तराखंड भगवान भरोसे गंगोत्री! नहीं होता वेरिफीकेशन

भगवान भरोसे गंगोत्री! नहीं होता वेरिफीकेशन

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पुलिस प्रशासन व श्री 5 मंदिर समिति गंगोत्री धाम के पास नही रहती कोई जानकारी।
कपाट बंद होने के बाद कितने लोग हैं धाम में कोई रिकॉर्ड नही।

5 नवंबर को गंगोत्री धाम के कपाट सुबह 11:45 पर बंद हो गए । 6 महीने मा गंगा की डोली मुखवा गाव में निवास करती है। कपाट बंद होने के साथ ही गंगोत्री धाम में सभी दुकाने भी अगले सीजन खुलने तक बंद हो जाती है । इस दैरान धाम में कितने और कौन लोग निवास करते है उसका कोई रिकॉर्ड पुलिस व श्री पांच मंदिर समिति गंगोत्री धाम अथवा प्रशासन के पास नही रहता है।
गंगोत्री व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष तीर्थ पुरोहित सत्येंन्द्र सेमवाल ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से शीतकाल में धाम में निवास करने वाले सभी लोगों का बद्रीनाथ धाम की तर्ज व्योरा रखने की मांग की है। गौरतलब है कि गगोत्री धाम हिन्दू धर्म की आस्था का प्रतीक होने के साथ चीन सीमा से भी लगा हुआ है।
गंगोत्री धाम से लगे ट्रैक रूट बंद होने से व धाम में कपाट बंद होने के बाद बर्फवारी के बाद भी कुछ साधु सन्यासी तप साधना के नाम पर धाम में ही निवास करते है, किंतु कितने लोग यहां रहते हैं और कब तक रहते है इसका रिकॉर्ड पुलिस के पास नही रहता है। उन्होंने इस संदर्भ में उच्च अधिकारियों से बात करने की बात कही है।
हैरान करने वाली बात ये है कि नगर और कस्बो में रहने वाले बाहरी लोगों का सत्यापन पुलिस करती है किंतु धाम की सुरक्षा भगवान भरोसे ?

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