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निजी स्कूल पर मनमानी का आरोप, एनएपीएसआर ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से की शिकायत

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निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर एक नया मामला देहरादून से सामने आया है । स्कूल मे कक्षा 12 मे पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल  से निकाले जाने का नोटिस जारी कर दिया । नैशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स (एनएपीएसआर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने बताया कि विगत 22 सितम्बर को नेहरुग्राम के द इण्डियन अकेडमी स्कूल मे पढ़ने वाली छात्रा के पिता ने उनसे संपर्क कर स्कूल की मनमानी से अवगत कराया । छात्रा के पिता के अनुसार वो टीवी मेकेनिक का काम करते हैं और लॉकडाउन मे उनका काम ठप हो गया उन्हे पैसे पैसे के लिए मोहताज होना पड़ा । इसी बीच उनकी बेटी के दोनो पैर अचानक खराब हो गए जिनका ऑपरेशन अप्रैल 2021 मे उन्होने कर्ज लेकर महंत हॉस्पिटल मे करवाया जिसकी जानकारी स्कूल को देते हुए उन्होने फीस के लिए कुछ समय देने की गुहार लगाई जिस पर स्कूल ने सहानुभति की जगह मनमानी करते हुए छात्रा को ऑनलाइन क्लॉस से बाहर कर दिया पिता अपनी अर्थिक और पारिवारिक परेशानी के चलते किसी से शिकायत भी नही कर सके । इसके बाद छात्रा की माँ की भी अचानक तबियत खराब हो गयी जिनको महंत हॉस्पिटल मे भर्ती करना पड़ा उनके भी अगस्त 2021 को हर्निया और पथरी के दो-दो ऑपरेशन कराने पड़े । इसकी जानकारी भी छात्रा के पिता ने स्कूल प्रशासन को दे दी थी ।   इन सभी स्तिथि से वाकिफ होने के बावजूद स्कूल से लगातार फीस जमा करने का दबाव बनाता आ रहा है और दिनांक 22 सितम्बर को स्कूल ने मेल करके स्पष्ट कर दिया कि इसी माह होने वाली परीक्षाओं मे तो छात्रा को बैठने नही दिया जाएगा साथ ही यदि 23 सितम्बर तक फीस जमा नही की गई तो छात्रा को स्कूल से भी निकाल दिया जाएगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी छात्रा के पिता की होगी । आरिफ खान के अनुसार छात्रा के पिता की इस शिकायत का संज्ञान लेते ही जिलाधिकारी देहरादून और मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून से लिखित शिकायत कर कार्यवाई की मांग करि है और मुख्य शिक्षा अधिकारी मुकुल सती से फोन पर बात भी कर ली गयी  । आरिफ खान ने बताया कि मुख्य शिक्षा अधिकारी के फोन पर दिए गए मौखिक आश्वाशन पर अभी छात्रा के पिता को ढांढस बंधाया गया है यदि शिक्षा विभाग द्वारा कोई ठोस कदम उच्च न्यायालय और शासनादेशों की अवमानना करने वाले स्कूलों के विरुद्ध नही उठाया जाता है तो वो शिक्षा विभाग के खिलाफ ही आंदोलन व धरने को बाध्य होंगे ।

 

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