Home उत्तराखंड गंगा विश्व धरोहर मंच ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर 15 शिक्षकों का...

गंगा विश्व धरोहर मंच ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर 15 शिक्षकों का किया सम्मान

179

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2022 की थीम “पाठ्यक्रम बदलना, शिक्षा बदलना” विषय पर फोकस करते हुए मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. मधु थपलियाल ने कहा कि शिक्षा समाज के लिये वह साधन है, जिसके द्वारा समाज के मनुष्यों के विचारों, आदर्शों, आदतों और दृष्टिकोण में परिवर्तन कर समाज की प्रगति की जाती है। साथ ही शिक्षा व्यक्ति को समाज के लिए उपयोगी बनाती है। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस देश में छात्रों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और सुधारने के लिए मनाया जाता है। डा. राधेश्याम खंडूरी ने कहा कि शिक्षा हमें ज्ञान और बुद्धि के साथ-साथ अपने आसपास की दुनिया को बदलने का अवसर भी प्रदान करती है।

साथ ही उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को लोकप्रिय एवं हर व्यक्ति के जीवन की आवश्यकता बनानी चाहिए तभी लोग संस्कृत के प्रति अपना उत्साह दिखाएंगे। आज के भौतिकवादी युग में संस्कृत भाषा को सबसे विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है परन्तु हमेशा ही आम लोगों के प्रोत्साहन एवं विश्वास के कारण यह समृद्ध भाषा रही है। संस्कृत केवल एक मात्र भाषा नहीं है अपितु संस्कृत एक विचार है संस्कृत एक संस्कृति है एक संस्कार है संस्कृत में विश्व का कल्याण है शांति है सहयोग है वसुदैव कुटुम्बकम् कि भावना है। कार्यक्रम में प्राचार्य रामानंद बनूंणी, साहित्याचार्य डॉ. द्वारिका नौटियाल सहित 15 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गंगा विश्व धरोहर मंच के संरक्षक मंडल से सुभाष चन्द्र नौटियाल, प्रताप सिंह पोखरियाल ‘पर्यावरण प्रेमी’ कार्यक्रम संयोजक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल सहित महाविद्यालय के शिक्षक व छात्र उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY