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गंगा सम्मेलन में गंगा ग्रामों को गंगा गौरव सम्मान व बीज बैंक का शुभारंभ

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गंगा को 4 नंवम्बर 2008 को राष्ट्रीय नदी घोषित किया गया था इसलिए इसी दिन राष्ट्रीय नदी दिवस के मौके पर उत्तरकाशी में गंगा सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें गंगा तटों कै साफ व स्वच्छ रखने के साथ सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में पहल करने वाले गंगा ग्रामों को ‘गंगा ग्राम गौरव सम्मान’ प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बीज बैंक के शुभारंभ के पश्चात मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि गंगा के संरक्षण के लिए गंगा ग्रामों में कूड़ा निस्तारण हेतु जहां जागरूकता जरूरी है वहीं जैविक खेती व परम्परागत फसलों को उगाकर विलुप्त हो रही फसलों को भी बचाने की सक्त आवश्यकता है।

सरकार सतत विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने ग्राम प्रधानों से कहा कि हमें कूड़े के प्रति नफरत के दृष्टिकोण को भुलाकर कचरे को सूखे, गीले व खतरनाक कचरे को घर से ही अलग-अलग करके जैविक और अजैविक कचरे के लिए अलग-अलग बर्तन के उपयोग को अनिवार्य करना जरूरी है क्योंकि जैविक कचरा धरती में समर्पित कर आसानी से प्राकृतिक प्रक्रिया के माध्यम से विघटित हो जाता है। पीजी कालेज उत्तरकाशी की जन्तु विज्ञान विभाग प्रभारी प्रोफेसर डॉ. मधु थपलियाल ने कहा कि जीवनदायिनी गंगा भारत की पुरातन संस्कृति की प्रतीक व वाहक है। विश्व में गंगा की अपनी एक अलौकिक पहचान है। यह अलौकिक पहचान गंगाजल के प्राकृतिक गुण से हैं। हिमपुत्री, गंगा का जल हिमालय की जड़ी-बूटियों से समृद्ध होकर देश के चालीस करोड़ लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करता है। गंगाजल को अमृत कहते हैं। गंगाजल में विद्यमान जीवाणुभोजी तत्वों में आश्चर्यचकित शक्ति एवं क्षमता है, जो उसे शाश्वत बनाता है, इसलिए गंगा को सृष्टि की प्राणधारा कहते हैं।

 

इसके अलावा वन्य जीव संस्थान द्वारा गंगा की जलीय जैव विविधता के संरक्षण हेतु किये जा रहे कार्यों से भी रूबरू कराया गया। कार्यक्रम का संचालन मंच के संयोजक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधानों व जनपद के वरिष्ठ नागरिकों व बुद्धिजीवियों ने विचार रखे। कार्यक्रम में हरि सिंह राणा, महंत अजय पुरी, रावल अशोक सेमवाल, प्रेम सिंह पंवार, नत्थी सिंह रावत, रामकृष्ण नौटियाल, रजनी चौहान, उमेश बहुगुणा, डा. राधेश्याम खंडूरी, डॉ. द्वारिका नौटियाल, डा. अपर्णा रावत, संदीप उनियाल, गौतम भट्ट, प्रताप सिंह पोखरियाल, डॉ. अंजु सेमवाल, गीता गैरोला, ललिता सेमवाल, दिनेश भट्ट, सुनीता, प्रधान संगठन भटवाड़ी के अध्यक्ष स्यालिक राम भट्ट, दिनेश रावत, अन्य प्रधान व गंगा विश्व धरोहर मंच के सदस्य भगवती, शुशील, प्रशांत, राघवेन्द्र उनियाल, आदि उपस्थित थे।

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