Home उत्तराखंड राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में नेत्रदान पखवाड़े का आयोजन

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में नेत्रदान पखवाड़े का आयोजन

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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में नेत्रदान पखवाड़े 25 अगस्त से 8 सितंबर तक आयोजित हुआ | जिसके समापन मैं एक रैली और संगोष्ठी का आयोजन किया गया |संगोष्ठी  कार्यक्रम के मुख्यअतिथि प्रोफेसर डॉक्टर हेम चंद्र पांडे वाइस चांसलर हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय एवं अतिशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉक्टर आशुतोष सयाना डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन देहरादून ने उपस्थिति दी ।


प्रोफेसर डॉक्टर हेम चंद्र पांडे ने बताया की इस तरीके की जन जागरूकता रैली एवं संगोष्ठी से अंधविश्वास और भ्रांतियों को दूर किया जाता है और समाज के लिए काफी सफल प्रयास किए जा सकते हैं उन्होंने रिसर्च और एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का भी जीवन में महत्त्व को बड़ी बारीकी से समझाया उन्होंने पौराणिक कथाओं में दादीची का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने अपनी हड्डी तक दान कर दी थी सो उन्होंने अंगदान न नेत्रदान इन सब का महत्त्व प्रामाणिक कथा ओके द्वारा समझाया।

प्रोफेसर डॉक्टर आशुतोष सयाना डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन ने बताया कि अंगदान का विशेष महत्त्व होता है सबसे सफल प्रत्यारोपण आँखों का ही किया जाता है उन्होंने बताया हाल ही में उत्तराखंड सरकार द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में एसओटीटीओ SOTTO(State organ tissue and transplant organization) स्टेट ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन का ऑफिस बनाने के लिए आवेदन भारत सरकार को भेज दिया गया है जिसकी सैद्धांतिक सहमति भी हम लोगों को ईमेल के माध्यम से प्राप्त हो गई है आने वाले समय में अंग प्रत्यारोपण के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एक बेहतर भूमिका के रूप में सबके सामने होगा उन्होंने दधीची के एग्जाम्पल को आगे बढ़ाते हुए बताया कि दादी ची नाम से एनजीओ भी अंग प्रत्यारोपण में मदद करने के लिए बहुत ही सफलतापूर्वक सर्जरी और सुपर स्पेशल विभागों में काम कर रहे हैं|
प्रोफेसर डॉक्टर यूसुफ रजवी ने विभागाध्यक्ष नेत्र रोग विभाग ने बड़े ही विस्तार से अंगदान नेत्रदान की विशिष्टताओं के बारे में बताया की मरने के बाद अगर आप नेत्रदान करते हैं तो दो से तीन लोगों की आँखों में रौशनी को आंख दे सकते हैं
सिम्पोजियम में गेस्ट स्पीकर डॉक्टर गौरव लूथरा डायरेक्टर दृष्टि आइ इन्स्टिट्यूट ने बड़े ही विस्तार से नेत्रदान के बारे में बताया और और उन्होंने भी इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज आई बैंक जल्द से जल्द स्थापित होना चाहिए उन्होंने अंधा के होने वाले विभिन्न विभिन्न प्रकार की बीमारियों और उनकी रोकथाम और सबसे ज्यादा जो अंधता में हर साल नए मरीज जुड़ते हैं उनको रोकने का प्रयास करना चाहिए
डॉक्टर सुशील ओझा एसोसिएट प्रोफेसर नेत्र रोग विभाग ने अंधता के बारे में आगे बढ़ते हुए इस बात पर भी विशेष ज़ोर दिया कि हमारे देश में हर साल लोगों के मरने की संख्या 4.7 मिलियन हैं जबकि पूरे अंधेपन को मिलाकर भी ये संख्या छह मिलियन है तो उन्होंने विशेष जोड़ दिया अगर हम अपने देश में अंगदान नेत्रदान को बढ़ावा देते हैं तो न सिर्फ हमारे देश में अंधता को खत्म कर सकते हैं बल्कि दूसरे देशों के लिए भी आंखो को ज्यादा से ज्यादा हम इकट्ठा करके दूसरे देशों के अंता को भी कम करने में एक विशेष योगदान दे सकते हैं
डॉक्टर शांति पांडे प्रोफेसर नेत्र रोग विभाग ने बड़े ही विस्तार से छात्रों के साथ संवाद करते हुए नेत्र दान पखवाड़े में जन जागरूकता के लिए मोटिवेट करा एवं यह भी बताया कि कोविल 19 महामारी के समय नेत्रदान की संख्या भी बहुत कमी आई है जबकि अंधेपन की रोगी बढ़ते ही गए हैं उन्होंने यह भी बताया है कोविंद 19 बीमार व्यक्ति की मौत होती है उसका हम आंखो को दान के लिए सूटेबल नहीं रख सकते और उन्होंने बहुत ही विशेष तरीके से छात्रों को संवाद करते हुए यह भी बताया कि ये नेत्रदान के लिए अस्पताल आने की जरूरत नहीं होती मरीज जिसकी यह किसी इंसान की जहाँ भी मृत्यु होती है उसके घर से ही आंखो को आई बैंक के द्वारा लिया जा सकता है और इसके लिए सूचना आप टोल फ्री नंबर 1919 पर दे सकते हैं बच्चों में अंधता का 50% कारण कोर्निया ब्लाइंडनेस होता है
प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष नेत्र रोग विभाग डॉक्टर यूसुफ रिजवी ने अपने सभी स्पीकर एवं श्रोताओं का शुक्रिया अदा करा और बताया कि हम प्रयास करते रहेंगे और जल्द से जल्द आई बैंक दून अस्पताल में स्थापित कर देंगे|

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