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आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर पोषण वाटिका महा अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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इन दिनों देशभर में देश की आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है इसी के तहत दिनांक 17 सितम्बर 2021 को अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023 के परिपेक्ष्य में पोषण वाटिका महा अभियान एवं वृक्षारोपण का आयोजन किया गया जिसमें माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश भर के किसानों को संबोधित किया गया जिसका विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान (भा० कृ० अनु० परिषद) के उत्तरकाशी जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ द्वारा लाइव टेलीकास्ट किया गया और साथ ही कार्यक्रम आफलाईन मोड में भी आयोजित किया गया | कार्यक्रम की थीम पोषण वाटिका एवं वृक्षारोपण अभियान पर आधारित थी | इस दौरान किसान गोष्ठी, 171 पैकेट बीज वितरण एवं 1071 फल वृक्षारोपण, व 71 कन्याओं को पोषक थाली दी गयी। कार्यक्रम का आयोजन किया गया साथ ही विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को पोषक अनाजों से बनाये गये विभिन्न व्यंजन भी परोसे गये | जिले की यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक केदार सिंह रावत कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उनके द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत की गयी | अपने संबोधन में उन्होनें प्रधानमन्त्री द्वारा किसानों के हित में चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया और किसानों को इन योजनाओं से जुड़ने के लिये प्रेरित किया साथ ही उन्होनें कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विभिन्न योजनाओ को आम जनमानस तक पहुचाने में काफी लाभकारी सिद्ध हो रहे है | कार्यक्रम में केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ चित्रांगद सिंह राघव द्वारा किसानों एवं छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए और पोषण स्तर में सुधार और बेहतरी लाने हेतु पोषण वाटिकाओं का बनाया जाना जरुरी है |अपने संबोधन में उन्होनें पोषक वाटिका के महत्व पर जोर दते हुए सभी से अपने अपने घरों में पोषक वाटिका बनाने को कहा, जिससे प्रत्येक महिला एवं उसके परिवार को घर पर ही पोषक तत्वों से युक्त ताजी सब्जियां निरंतर मिलती रहेंगी | उन्होनें बताया कि पोषण वाटिकाओं में मौसम के हिसाब से लौकी, पपीता, तुरई, ककड़ी, शिमला मिर्च, टमाटर, पुदीना, फूलगोभी, प्याज, गाजर, पालक, मूली आदि उत्पादित की जा सकती हैं। कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में आये डुंडा ब्लॉक प्रमुख  शैलेन्द्र कोहली,  पूनम रमोला एवं डॉ विजय बडोनी द्वारा भी किसानों को विभिन्न योजनाओं से जुडकर उनका लाभ उठाने के लिये प्रेरित किया गया | केंद्र के डॉ पंकज नौटियाल द्वारा पोषक वाटिका के महत्व पर जोर दते हुए सभी से अपने अपने घरों में पोषक वाटिका बनाने को कहा || इस दौरान पर्यावरण को बचाने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने एवं पारिस्थिकी तंत्र को सहेज कर रखने पर भी प्रेरक व्याख्यान दिए गये और केन्द्र परिसर के चारों ओर वृक्षारोपण किया गया | इस अवसर पर केंद्र में दूरदराज गावों से आये किसानों को पौष्टिकता से भरपूर विभिन्न सब्जियों के बीज वितरित किये और उन्हें पोषक वाटिका निर्माण की रूपरेखा से अवगत कराया गया |इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा प्रगतिशील कृषकों  जीत सिंह, जगमोहन सिंह,  बालकराम, गंगा देवी, महंत, गोपाल रावत को समानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ गौरव पपनै द्वारा किया गया । इस अवसर पर खीमानंद बिजल्वाण, बलवीर सिंह रांगड़, जयप्रकाश भट्ट एवम केंद्र के नीरज जोशी, रोहिणी खोब्रागडे , वरुण सुप्याल, ख्याली राम, विभिन्न विश्वविद्यालयो से ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने आये बीoएसoसीo कृषि के प्रशिक्षु छात्र छात्राए, क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं और समेत 300 से अधिक प्रतिभागी मौजूद रहे |

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