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कर्मचारियों और शिक्षकों ने शुरू किया आंदोलन, सरकार को दी चेतावनी

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उत्तराखण्ड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने 18 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। समन्वय समिति के प्रवक्ता प्रताप पंवार एवं अरूण पाण्डे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आज समन्वय समिति के संयोजक मंडल द्वारा पूर्व में लिये गये निर्णयानुसार घोषित आन्दोलन के प्रथम चरण का प्रारम्भ सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के मुख्यालयों पर गेट मीटिंग कर की गई। प्रेस विज्ञप्ति द्वारा बताया गया कि आज समन्वय समिति के संयोजक मंडल के समस्त सदस्य यमुना कॉलोनी स्थित यमुना भवन में एकत्र हुए एवं पूर्व में लिये गये निर्णयानुसार गेट मीटिंग का आयोजन कर कर्मचारियों के मध्य जन-जागरण कार्यक्रम प्रारम्भ किया। आज की गेट मीटिंग में वक्ताओं ने सरकार व शासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से लम्बित समस्याओं का निराकरण न किये जाने के कारण प्रदेश के तमाम बडे परिसंघ एवं संघ समन्वय समिति के बैनर तले एकत्र होकर समान रूप से प्रभावित करने वाले प्रकरणों को मांगपत्र में शामिल कर चरणबद्ध रूप से आन्दोलन की घोषणा की है, जोकि सरकार व शासन के लिए एक चेतावनी है कि यदि शीघ्र मांगपत्र में अंकित प्रकरणों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश में एक बडी श्रमिक अशान्ति उत्पन्न हो सकती है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार व शासन की होगी। गेट मीटिंग में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के कार्मिक शिक्षक समुदाय को वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अत्यधिक उम्मीदें हैं, क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री जी जमीन से जुडे हुए नेता हैं एवं उन्होंने हर तरह की कठिनाईयों का सामना किया है, किन्तु खतरा यह है कि प्रदेश के शासन में बैठे कर्मचारी विरोधी मानसिकता वाले अधिकारी उन्हें भी अपने आंकडों के जाल में फंसा न लें। इसलिए शीघ्रातिशीघ्र समन्वय समिति के प्रतिनिधियों के साथ शासन के अधिकारियों की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित कर मांगपत्र में अंकित समस्याओं का निराकरण किये जाने हेतु निर्णय लिया जाना चाहिए। गेट मीटिंग के माध्यम से उपस्थित कार्मिक समुदाय को वक्ताओं द्वारा समन्वय समिति के मांगपत्र से अवगत कराते हुए पूर्ण जानकारी देकर भविष्य में किये जाने वाले आन्दोलन में शत्-प्रतिशत भागीदारी किये जाने का आह्वाहन किया।
ये हैं मांगें—
1-प्रदेश के समस्त राज्य कार्मिकों/शिक्षकों/निगम/निकाय/पुलिस कार्मिकों को पूर्व की भांति 10, 16, व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति न होने की दशा में पदोन्नति वेतनमान अनुमन्य किया जाये।
2-राज्य कार्मिको हेतु निर्धारित गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का निराकरण करते हुये केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति ब्ण्ळण्भ्ण्ैण् की व्यवस्था प्रदेश में लागू की जाय। प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर उच्चकोटि के समस्त अस्पतालों को अधिकृत किया जाये, तथा सेवानिवृत्त कार्मिकों से निर्धारित धनराशि में 50ः कटौती कम की जाये।
3-पदोन्नति हेतु पात्रता अवधि में पूर्व की भांति शिथिलीकरण की व्यवस्था बहाल की जाये।
4-केन्द्र सरकार की भांति प्रदेश के कार्मिकों हेतु 11ः मंहगाई भत्ते की घोषणा शीघ्र की जाये।
5-प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाये।
6-मिनिस्टीरियल संवर्ग में कनिष्ठ सहायक के पद की शैक्षिक योग्यता इण्टरमिडिएट के स्थान पर स्नातक की जाये, तथा एक वर्षीय कम्प्यूटर ज्ञान अनिवार्य किया जाये।
7-वैयक्तिक सहायक संवर्ग में पदोन्नति के सोपान बढ़ाते हुये स्टाफिंग पैर्टन के अन्तर्गत ग्रेड वेतन रु0 4800.00 में वरिष्ठ वैयक्तिक अधिकारी का पद सृजित किया जाये।
8-राजकीय वाहन चालकों को ग्रेडवेतन रु0 2400.00 इग्नोर करते हुए स्टाफिंग पैर्टन के अन्तर्गत ग्रेडवेतन रु0 4800.00 तक अनुमन्य किया जाये।
9-चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को भी वाहन चालकों की भांति स्टाफिंग पैर्टन लागू करते हुए ग्रेडवेतन रु0 4200.00 तक अनुमन्य किया जाये।
10-समस्त अभियन्त्रण विभागों में कनिष्ठ अभियन्ता (प्राविधिक)/संगणक के सेवा प्राविधान एक समान करते हुए इस विसंगति को दूर किया जायें।
11-सिंचाई विभाग को गैर तकनीकी विभागों (शहरी विकास विभाग, पर्यटन विभाग, परिवहन विभाग, उच्चशिक्षा विभाग आदि) के निर्माण कार्य हेतु कार्यदायी संस्था के रूप में स्थाई रूप से अधिकृत कर दिया जाये।
12-राज्य सरकार द्वारा लागू ए0सी0पी0/एम0ए0सी0पी0 के शासनादेश में उत्पन्न विसंगति को दूर करते हुये पदोन्नति हेतु निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सभी लेवल के कार्मिकों के लिये 10 वर्ष के स्थान पर 05 वर्ष की चरित्र पंजिका देखने तथा “अतिउत्तम” के स्थान पर “उत्तम” की प्रविष्टि को ही आधार मानकर संशोधित आदेश शीघ्र जारी किया जाये।
13-जिन विभागों का पुर्नगठन अभी तक शासन स्तर पर लम्बित है, उन विभागों का शीघ्र पुनर्गठन किया जाये।
14-31 दिसम्बर तथा 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को 06 माह की अवधि पूर्ण मानते हुये एक वेतन वृद्धि अनुमन्य कर सेवानिवृत्ति का लाभ प्रदान किया जाये।
15-स्थानान्तरण अधिनियम-2017 में उत्पन्न विसंगतियों का निराकरण किया जाये।
16-राज्य कार्मिकों की भांति निगम/निकाय कार्मिकों को भी समान रूप से समस्त लाभ प्रदान किये जाये।
17-तदर्थ रूप से नियुक्त कार्मिकों की विनियमितिकरण से पूर्व तदर्थ रूप से नियुक्ति की तिथि से सेवाओं को जोड़ते हुये वेतन/सैलेक्शन ग्रेड/ए0सी0पी0/पेंशन आदि समस्त लाभ प्रदान किया जाये।
18-समन्वय समिति से सम्बद्ध समस्त परिसंघों के साथ पूर्व में शासन स्तर पर हुई बैठकों में किये गये समझौते/निर्णयो के अनुरूप शीघ्र शासनादेश जारी कराया जाये।

प्रवक्ता अरुण पांडेय ने बताया कि कल गेट मीटिंग का कार्यक्रम महिला आई0टी0आई0 प्रांगण सर्वे चौक, देहरादून में किया जायेगा, जिसमें विकास भवन, समाज कल्याण, आई0टी0आई0 एवं रोजगार कार्यालय के कर्मचारी प्रतिभाग करेंगे। आज की गेट मीटिंग में प्रताप सिंह पंवार, हरीश चन्द्र नौटियाल, अरूण पाण्डेय, वी0एस0 रावत, सुनील कोठारी, पूर्णानन्द नौटियाल, पंचम सिंह बिष्ट, शक्ति प्रसाद भट्ट, विजय खाली, बनवारी सिंह रावत, नाज़िम सिद्दीकी, महावीर तोमर, सुरेन्द्र सिंह बछेती, प्रेमलता बिष्ट, प्रवेश सेमवाल, अजय गुप्ता, जयप्रकाश यादव, बीना रावत, चौधरी ओमवीर सिंह, दीप चन्द बुडलाकोटी, आर0एस0 रावत इत्यादि कर्मचारी नेताओं ने प्रतिभाग किया।

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