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धर्मपुर में धाकड़ बल्लेबाजी के जरिए भाजपा कांग्रेस के लिए चुनौती बने बीर सिंह पंवार

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धर्मपुर में निर्दलीय वीर सिंह पवार के मैदान में आ जाने के बाद मामला त्रिकोणीय हो गया है, बीर सिंह पंवार की जनसभाओं में भीड़ उमड़ रही है। चुनाव चिन्ह बैट लेकर ताबड़तोड़ प्रचार में जुटे उनके समर्थकों के हौंसले बुलंद दिखाई दे रहे है । धर्मपुर विधानसभा में भाजपा से बागी हुए पंवार ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। भाजपा और कांग्रेस को पंवार संकट में डालते‌ दिखाई दे रहे हैं ।जिस तरह पंवार के लिए हर जगह मात्रशक्ति ,और युवा वर्ग उनके साथ खड़ा हो रहा है । उससे लगता है कि पंवार भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं । जहां भाजपा और कांग्रेस में स्टार प्रचारकों की लंबी सूची है पूरा संगठन और दोनों दिग्गजों का राजनीतिक लंबा अनुभव है , वहीं पंवार के समर्थकों का हौसला बुलंद है। उनकी जनसभाओं में भाजपा के ही वरिष्ठ कार्यकर्ता गिरिराज उनियाल आक्रामक भाषण दे रहे हैं। वहीं पंवार संतुलित और मंजे हुए नेता की तरह सीधे ,सरल भाषा में अपनी बात रख रहे हैं। जिसको लोग बहुत पसंद कर रहे हैं । पंवार के समर्थकों का मानना है कि धर्मपुर में इस समय नेता नहीं बेटा चाहिए। इस थीम पर वे काम कर रहे हैं। खुद को समाज सेवी और राज्य आंदोलनकारी बता कर लोगों का स्नेह उन्हें मिलता दिखाई दे रहा है । कई क्षेत्रों में तो लोग पंवार के द्वारा सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों की वजह से उनके साथ एकजुट नजर आ रहे हैं । पंवार ने बंजारावाला मोथरोवाला ,केदारपुर, कुंज विहार विद्या विहार, ब्रह्मपुरी आदि क्षेत्रों में जनसंपर्क किया। पंवार का कहना है कि मैं नेता नहीं एक जनसेवक और आपका बेटा हूं । वह आरोप लगा रहे हैं दिनेश अग्रवाल और विनोद चमोली दोनों यहां से विधायक रहे उन्होंने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया । लेकिन दोनों आज भी धर्मपुर की जनता को मूलभूत सुविधाओं देने में नाकाम रहे । पंवार का आरोप है कि आज धर्मपुर विधानसभा में विधायक अपने पुराने घोषणापत्र को ही जनता के बीच में रख रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन दोनों ने अपने कार्यकाल में क्या काम किया। सड़कों की हालत जस की तस बनी हुई है ब्रह्मपुरी में उन्होंने कहा कि इन सड़कों की हालत दिखाती है कि विधायक विनोद चमोली ने इन 5 सालों में क्या किया । धर्मपुर के धर्म- युद्ध में त्रिकोणीय संघर्ष होना लाजमी है। जहां भाजपा के प्रत्याशी विनोद चमोली के खिलाफ कार्यकर्ता और जनता की नाराजगी दिखाई दे रही है । वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी अस्वस्थ दिखाई दे रहे हैं। इन दोनों के साथ दिक्कत यह आ रही है कि लोग दोनों से यह सवाल भी कर रहे हैं कि करोना काल में आप दोनों कहां थे। वहीं पंवार कोरोना काल में गरीबों के लिए देवदूत बनकर मैदान में डटे थे । इसका फायदा भी पंवार को मिलता दिखाई दे रहा है।

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