Home उत्तराखंड प्रधानमंत्री का किसानों को संबोधन,शून्य बजट पर प्राकृतिक खेती को अपनाने का...

प्रधानमंत्री का किसानों को संबोधन,शून्य बजट पर प्राकृतिक खेती को अपनाने का दिया मन्त्र

591

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा आज गुजरात की धरती से किसानों और वैज्ञानिकों को संबोधित किया गया जिसका विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान (भा० कृ० अनु० परिषद) के उत्तरकाशी जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ द्वारा लाइव टेलीकास्ट किया गया | दरअसल ये संबोधन गुजरात (Gujarat) में हो रही प्राकृतिक और शून्य बजट खेती (Zero Budget Farming) पर चल रहे शिखर सम्मेलन के तहत आयोजित किया गया था| अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जैविक खेती को अपनाने की नितांत आवश्यकता है। रसायनिक खेती के अनेक दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। खेती में रसायनों का उपयोग मनुष्य, जीव-जंतु के साथ भूमि व पर्यावरण के लिए घातक है। प्राकृतिक खेती के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक खेती को अपनाया जाए तो पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। जीरो बजट प्राकृतिक खेती देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र पर आधारित है | केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एवम् देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भी किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में बताया गया। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र में भी केन्द्र की पहल पर जिलेभर से लगभग 70 कृषकों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में अपना पंजीकरण करवाया और इस कार्यक्रम का लाभ उठाया | कार्यक्रम में केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवम् अध्यक्ष डॉ चित्रांगद सिंह राघव के निर्देशन में केंद्र के डॉ पंकज नौटियाल ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान पर्यावरण हितैषी खेती की दिशा में अपना अमूल्य योगदान सुनिश्चित कर सकते हैं |  इस विधि से खेती करने से किसान को बाजार से खाद एवं उर्वरक तथा कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है जिससे उत्पादन की लागत शून्य रहती है| प्राकृतिक खेती में किसी भी रासायनिक कीटनाशक का उपयोग नहीं किया जाता है । इस अवसर पर केन्द्र में कृषक गोष्ठी का आयोजन करने के साथ साथ कृषकों को प्रक्षेत्र का भ्रमण भी कराया गया जहां कृषकों ने विभिन्न सब्जियों की खेती, पालीहाउस, एल डी पी इ टैंक, बीज उत्पादन इकाई, विभिन्न यंत्र एवं मशीनरियों के बारे में जाना | कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ पंकज नौटियाल , नीरज जोशी, वरुण सुप्याल, ख्याली राम, रीतिका भास्कर, केन्द्र में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बी एस सी कृषि के प्रशिक्षु विद्यार्थी तथा क्षेत्र के प्रगतिशील कृषकों समेत 70 से अधिक लोग मौजूद रहे |

LEAVE A REPLY