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एचएनबी मेडिकल विवि का चौथा दीक्षांत समारोह कल, 1141 मेडिकल छात्रों को मिलेगी डिग्रियां

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 एचएनबी मेडिकल विवि का चौथा दीक्षांत समारोह सोमवार को दून मेडिकल कॉलेज में दोपहर तीन बजे से होगा। मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल रि. गुरमीत सिंह शामिल होकर छात्रों को डिग्रियां प्रदान करेंगे।

कुलपति प्रो. हेमचंद्र पांडेय, परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने पटेलनगर स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता कर बताया कि एमबीबीएस, नर्सिंग, पैरामेडिकल के 1141 छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएगी। जिसमें 59 एमडी, एमएस, 202 एमबीबीएस, 493 बीएससी नर्सिंग, 56 एमएससी नर्सिंग, 87 पोस्ट बेसिक बीएससी, एक एनपीसीसी, 243 पैरामेडिकल के छात्र शामिल है। दीक्षांत समारोह में केवल 29 गोल्ड मेडलिस्ट, आठ सिल्वर और चार बेस्ट पेपर अवार्ड वालों को बुलाया गया है।

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एम्स दिल्ली में पद्मश्री दिल्ली एम्स के नेत्र रोग विज्ञान के चीफ डा. जेएस तितियाल, इंटरनल मेडिसन विशेषज्ञ डा. जुगल किशोर शर्मा, जीओआई लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एबी पंत को मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। इस दौरान कोरोना नोडल अधिकारी दून अस्पताल डा. अनुराग अग्रवाल, एचओडी मेडिसन डा. नारायणजीत सिंह, वरिष्ठ फिजीशियन डा. निधि उनियाल, वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट डा. अतुल कुमार सिंह, कम्युनिटी मेडिसन की एसो. प्रो. डा. अनुपमा आर्या, विवि से किरण पंत, कमल किशोर जोशी मौजूद रहे।

मेडिकल के छात्रों के लिए तीन नये कोर्स

विवि कुलपति प्रो. डा. हेमचंद्र पांडेय बताया कि चिकित्सा के क्षेत्र में डाक्टरों और मेडिकल स्टाफ को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे बेहतर इलाज मरीजों को मिल सके। वहीं युवाओं के लिए नये कोर्स शुरू किये जा रहे हैं। मास्टर इन पब्लिक हेल्थ, मास्टर इन हेल्थ मैनेजमेंट, मास्टर इन एप्लाईड एपिडेमिओलॉजी कोर्स शुरू किये जाने हैं। वहीं राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में एमफिल रिहेबिलिटेशन साइकोलॉजी शुरू किया है। इसके अलावा पीएचडी कोर्स में 43 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। डाक्टरों के लिए छह दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया गया है। 16 निजी अस्पतालों में विशेषज्ञ कोर्स नर्सिंग एवं पैरामेडिकल में कराए जा रहे हैं। नेत्र रोग एवं रेडियोलॉजी में फैलोशिप कार्यक्रम शुरू किया है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि विवि की ओर से एनएचएम के तहत नर्सिंग अभ्यर्थियों को छह माह का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। कोरोना ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल समिति की सदस्य डा. निधि उनियाल, आईसीयू प्रभारी डा. अतुल कुमार सिंह ने आइवरमेक्टिन दवाई का कोरोना में महत्व और उससे मिले लाभ के बारे में विस्तार से बताया। दवा खाने से गंभीरता कम हुई और मौतों की संख्या में भी कमी देखी गई।

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